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  • भाव कारकत्व और भाव कारक

    भाव (The house Position) आपके दृष्टिकोण से हमेशा स्थिर रहता है, जबकि राशि (the Zodiac Sign) उस स्थिर भाव के अंदर चलती और बदलती रहती है। राशि और भाव के बीच महत्वपूर्ण अंतर कुंडली को सही मायने में समझने के लिए, आपको राशि (Zodiac Sign) और भाव (House) की अलग-अलग भूमिकाओं में महारत हासिल करनी…

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  • राशियों और उनके गुण स्वरूप का संपूर्ण परिचय

    सनातन परंपरा में ‘ज्योतिषं वेदस्य चक्षुः’ कहा गया है, जिसका अर्थ है कि ज्योतिष को वेदों का चक्षु (आँख) माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र मानव व्यवहार और जीवन की दिशा को समझने का एक बहुत ही शक्तिशाली माध्यम है। वैदिक ज्योतिष के केंद्र में 12 राशियाँ होती हैं। ज्योतिष में केवल अपनी राशि का नाम…

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  • पंचांग (भाग 6): आनंदादि योग का रहस्य

    शिक्षार्थियों के लिए महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण: तकनीकी रूप से देखा जाए तो आनंदादि योग पंचांग का कोई आधिकारिक छठा अंग नहीं है—क्योंकि “पंचांग” शब्द का स्पष्ट अर्थ ही “पांच अंग” होता है। हालांकि, यदि आप किसी जन्म कुंडली का सटीक विश्लेषण करना चाहते हैं या दैनिक मुहूर्त को गहराई से समझना चाहते हैं, तो यह गणना…

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  • पंचांग (भाग 5): करण का संपूर्ण विश्लेषण

    हम आखिरकार अपनी पंचांग श्रृंखला के पांचवें और अंतिम अंग पर पहुंच गए हैं। हमने तिथि (भावनाएं), वार (शारीरिक ऊर्जा का इंजन), नक्षत्र (मस्तिष्क की वायरिंग), और योग (संबंधों) को गहराई से समझा है। आज, हम बात करेंगे उस अंतिम मॉड्यूल की जो आपके काम करने के तरीके को तय करता है: करण (The Karana)।…

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  • पंचांग (भाग 4): योग का रहस्य

    हमारी पंचांग श्रृंखला के पहले तीन भागों में, हमने तिथि (आपकी भावनाएं), वार (आपका शारीरिक इंजन), और नक्षत्र (आपके मस्तिष्क की आंतरिक बनावट) को समझा था। आज, हम पंचांग के चौथे अंग में गहराई से उतरेंगे: योग। ‘योग’ शब्द संस्कृत की ‘युज’ धातु से बना है, जिसका अर्थ होता है “जुड़ना” या “एक होना”। हालांकि…

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  • पंचांग (भाग 3): नक्षत्र रहस्य

    भाग 1 और 2 में, हमने देखा कि कैसे तिथि आपकी भावनात्मक तरंगों को दिशा देती है और वार आपके शारीरिक इंजन को ऊर्जा प्रदान करता है। आज, हम पंचांग के तीसरे और सबसे महत्वपूर्ण हिस्से, यानी नक्षत्र पर चर्चा करेंगे। जहाँ पश्चिमी ज्योतिष आकाश को 12 बड़ी राशियों में बांटता है, वहीं वैदिक खगोल…

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  • वार क्या है? (पंचांग भाग-2)

    वार क्या है? (पंचांग भाग-2) – अपनी शारीरिक प्राण शक्ति को सक्रिय करने का तार्किक गाइड क्या आप जानते हैं कि आपके शरीर की ऊर्जा का स्तर हर दिन एक जैसा क्यों नहीं रहता? सोमवार को आप जिस मानसिक शांति का अनुभव करते हैं, वह मंगलवार को अचानक एक उग्र और आक्रामक स्वभाव में बदल…

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  • पंचांग (भाग-1):तिथि क्या है

    तिथि क्या है? अपने मन की आंतरिक ऊर्जा को डिकोड करने का वास्तविक वैज्ञानिक गाइड आपका सामान्य कैलेंडर दिन रात के 12:00 बजे अपने आप बदल जाता है, क्योंकि वह इंसानों द्वारा बनाया गया एक कृत्रिम (Artificial) सिस्टम है। लेकिन ज्योतिषीय तिथि क्या है? तिथि पूरी तरह से एक प्राकृतिक और खगोलीय (Astronomical) अवधारणा है…

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  • पंचांग क्या है? अपने जीवन के भाग्य को बदलने का असली ब्रह्मांडीय ब्लूप्रिंट

    क्या आप अंतहीन मोटिवेशनल वीडियो और सेल्फ-हेल्प टिप्स फॉलो करने के बाद भी सफलता पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं? इसका असली और छिपा हुआ कारण आपके जन्म के समय की ब्रह्मांडीय ऊर्जा है, जिसे आप पंचांग क्या है (What is Panchang) के इस तार्किक विज्ञान को समझकर तुरंत डिकोड कर सकते हैं। जहां…

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